Friday, May 9, 2014

लौकी/बाटल गार्ड

लौकी का उपयोग  पेट साफ करने में,लौकी वीर्यवर्धक, पित्त तथा कफनाशक और धातु को पुष्ट करने वाली होती है। अंग्रेजी में बाटल गार्ड के नाम से प्रचलित इसके बारे में कहा जाता है, कि मनुष्य द्वारा सबसे पहले उगाई गयी सब्ज़ी लौकी ही थी। प्रोटीन,फाइबर ,मिनरल,कार्बोहाइड्रेट से भरपूर इसके औषधीय गुणों पर एक नज़र डालते हैं-
- यह मूत्रल (डायूरेटीक), तनावमुक्त करनेवाली (सेडेटिव) और पित्त को बाहर निकालनेवाली औषधि है।
-हृदय रोग में, एक कप लौकी के रस में थोडी सी काली मिर्च, पुदीना डालकर पीने से हृदय रोग ठीक होता है।
-जूस निकालकर नींबू के रस में मिलाकर एक गिलास की मात्रा में सुबह सुबह-प्राकृतिक एल्कलाएजर  पेशाब की जलन में।
- डायरिया के मरीज को लौकी का जूस हल्के नमक और चीनी के साथ मिलकर दिया जाय-प्राकृतिक जीवन रक्षक घोल।
-लौकी में श्रेष्ठ किस्म का पोटैशियम मिलता है, जिसकी वजह से यह गुर्दे के रोगों में उपयोगी है और इससे पेशाब आता है।
-लौकी के बीज का तेल कोलेस्ट्रोल  कम करता है तथा हृदय को शक्ति देता है। यह रक्त की नाड़ियों को भी स्वस्थ बनाता है।
-लौकी का रस मिर्गी और अन्य तंत्रिका तंत्र से सम्बंधित बीमारियों में भी फायदेमंद है।

-एसिडीटी,पेट क़ी बीमारियों एवं अल्सर से हों परेशान, तो न घबराएं बस लौकी का रस है इसका समाधान।
-पर्याप्त मात्रा में लौकी क़ी सब्ज़ी का सेवन पुराने से पुराने कब्ज को भी दूर कर देता है।

सावधानी - जूस निकालने से पहले लौकी का एक छोटा टुकड़ा काटकर उसे चख लेना चाहिए। अगर वह कड़वा हो तो लौकी का किसी भी रूप में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

No comments:

Post a Comment